UP Bhulekh 2026 : भूलेख उत्तर प्रदेश खसरा खतौनी की नकल

आज के डिजिटल युग में उत्तर प्रदेश सरकार ने जमीन से जुड़े रिकॉर्ड्स को ऑनलाइन उपलब्ध कराकर नागरिकों की बड़ी सुविधा दी है। UP Bhulekh 2026 पोर्टल के माध्यम से आप घर बैठे अपनी जमीन का खसरा, खतौनी, भू-नक्शा और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज आसानी से देख और डाउनलोड कर सकते हैं। यह पोर्टल उत्तर प्रदेश राजस्व विभाग द्वारा संचालित है और इसका ऑफिसियल वेबसाइट है।

इस लेख में हम आपको भूलेख उत्तर प्रदेश के बारे में पूरी जानकारी देंगे। जिसमें खसरा खतौनी की नकल देखने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया जरूरी टिप्स, फायदे और आम समस्याओं का समाधान शामिल है। सारी जानकारी 2026 की up bhulekh 2026 के लेटेस्ट अपडेट्स के आधार पर है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश भूलेख के ऑफिसियल वेबसाइट और अन्य न्यूज़ वेबसाइट से ली गई है। अगर आप किसान है और जमीन खरीदने-बेचने की सोच रहे हैं या सिर्फ अपने रिकॉर्ड चेक करना चाहते हैं तो यह लेख आपके लिए बहुत उपयोगी साबित होगा।

UP Bhulekh पोर्टल की मुख्य सेवाएं

 

यूपी भूलेख पोर्टल (upbhulekh.gov.in) उत्तर प्रदेश सरकार का एक आसान ऑनलाइन पोर्टल है। up bhu lekh पोर्टल से आप घर बैठे अपनी जमीन की जानकारी देख सकते हैं। यह भूलेख पोर्टल जमीन के कागजों को डिजिटल बनाता है। इससे धोखा कम होता है और समय बचता है। किसानों और जमीन मालिकों के लिए बहुत काम का है। सभी सेवाएं फ्री हैं।

 

सेवा का नाम आसान विवरण
खतौनी की नकल देखें जमीन के मालिक का नाम, खाता नंबर और कितनी जमीन है यह सब देखें और डाउनलोड करें।
लेटेस्ट खतौनी देखें सबसे नई और अपडेट खतौनी की जानकारी लें।
भू-नक्शा देखें अपनी जमीन का नक्शा देखें और सीमाएं और आस-पास की जमीन पता करें।
खसरा या गाटा नंबर से जानकारी खसरा/गाटा नंबर डालकर प्लॉट का पूरा विवरण और मालिक का नाम देखें।
जमीन बिकी है या नहीं पता करें प्लॉट बेचा गया है या नहीं, उसका स्टेट्स चेक करें।
जमीन पर कोई केस है या नहीं जमीन पर कोई मुकदमा या झगड़ा है या नहीं, यह भी जानें।
गांव और प्लॉट का कोड पता करें गांव का कोड और जमीन का यूनिक कोड देखें। ये दूसरे कामों में मदद करते हैं।
बैंक लोन या गिरवी की जानकारी जमीन पर बैंक का लोन या गिरवी है या नहीं, चेक करें।

 

यूपी भूलेख (UP Bhulekh) क्या है?

 

भूलेख शब्द “भू” यानी जमीन और “लेख” यानी रिकॉर्ड से बना है। मतलब, जमीन का रिकॉर्ड।यूपी भूलेख उत्तर प्रदेश सरकार का एक आसान ऑनलाइन पोर्टल है। इसका वेबसाइट है upbhulekh.gov.in। यह पोर्टल उत्तर प्रदेश राजस्व विभाग ने बनाया है। इसे 2 मई 2016 को शुरू किया गया था। अब यह पूरे राज्य की सभी तहसीलों में चल रहा है।इसका मुख्य काम जमीन के पुराने कागजों को कंप्यूटर पर डालना है। इससे सब कुछ पारदर्शी हो जाता है, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार कम होता है। लोग घर बैठे अपनी जमीन की जानकारी देख सकते हैं। दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।

इस bhu abhilekh पोर्टल पर खतौनी (जमीन के मालिक का नाम और विवरण),खसरा या गाटा नंबर से जमीन की डिटेल,भू-नक्शा (जमीन का मानचित्र),जमीन बिकी है या नहीं,जमीन पर कोई मुकदमा है या नहीं और गांव और प्लॉट का कोड मुफ्त में बिना एक रुपये खर्च किये अपने मोबाइल फोन से घर बैठे देख सकते है।

 

खसरा और खतौनी क्या होते हैं?

 

(1)खसरा (Khasra): यह जमीन के एक विशेष प्लॉट या भूखंड का नंबर होता है। इसमें प्लॉट का क्षेत्रफल, मिट्टी का प्रकार, फसल की जानकारी और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी दर्ज होते हैं। खसरा नंबर जमीन की पहचान के लिए इस्तेमाल होता है।

(2)खतौनी (Khatauni): यह मालिकाना हक का दस्तावेज है। इसमें जमीन के मालिक का नाम, खाता संख्या, कुल क्षेत्रफल और सभी खसरा नंबरों की लिस्ट होती है। खतौनी को “अधिकार अभिलेख” भी कहते हैं।

ये दोनों दस्तावेज जमीन की खरीद-बिक्री, लोन लेने और विवाद सुलझाने या सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जरूरी होते हैं।

 

UP Bhu Abhilekh पोर्टल का उद्देश्य

 

UP Bhulekh पोर्टल (upbhulekh.gov.in) उत्तर प्रदेश सरकार का एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है। यह प्लेटफार्म राजस्व विभाग द्वारा चलाया जाता है। इस प्लेटफार्म मुख्य उद्देश्य जमीन के रिकॉर्ड को डिजिटल बनाना और लोगों को आसानी से जानकारी देना है। इससे पुराने कागजी सिस्टम की समस्याएं दूर होती हैं। पोर्टल 2016 से चल रहा है और अब पूरे राज्य में लागू है। नीचे पॉइंट्स में इसके उद्देश्यों की पूरी डिटेल दी गई है:

  • जमीन के कागज कंप्यूटर पर डालना: सभी जमीन के पुराने रिकॉर्ड को डिजिटल बनाना। कागज खराब या गुम नहीं होंगे। रिकॉर्ड हमेशा सुरक्षित रहेंगे।
  • सब कुछ खुला और साफ रखना: ऑनलाइन होने से जमीन के सौदे में कोई छिपाव नहीं रहता। लोग खुद देख सकते हैं कि जमीन साफ है या नहीं।
  • धोखा और रिश्वत कम करना: पहले तहसील या पटवारी के पास जाना पड़ता था, देरी और पैसे लगते थे। अब घर से सब देख लो, इसलिए धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार कम होता है।
  • लोगों को घर से मदद देना: किसान और जमीन मालिक खतौनी, नक्शा आदि घर बैठे देख सकते हैं। दफ्तर के चक्कर और समय की बर्बादी नहीं होती।
  • जमीन के झगड़े कम करना: सही रिकॉर्ड से मालिक का नाम साफ रहता है। लोग पहले चेक कर लेते हैं कि जमीन पर केस है या नहीं। कोर्ट के मामले कम हो जाते हैं।
  • रोज के काम आसान बनाना: नाम बदलना (दाखिल-खारिज), लोन डालना जैसे काम जल्दी हो जाते हैं।
  • डिजिटल इंडिया में मदद करना: यह सरकार के बड़े प्रोग्राम का हिस्सा है। बैंक लोन, जमीन खरीद-बेचाई में आसानी होती है।
  • सही और ताजा जानकारी देना: रिकॉर्ड तुरंत अपडेट होते हैं। गलती की गुंजाइश कम रहती है। लोग भरोसा कर सकते हैं।

 

Bhu Abhilekh पोर्टल के फायदे

UP Land Record पोर्टल (upbhulekh.gov.in) उत्तर प्रदेश सरकार का एक बहुत उपयोगी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है। इससे किसान, जमीन मालिक और आम लोग घर बैठे जमीन की जानकारी देख सकते हैं। यह पोर्टल जमीन के रिकॉर्ड को डिजिटल बनाता है, जिससे कई परेशानियां दूर हो जाती हैं। सभी सेवाएं मुफ्त हैं और मोबाइल पर भी आसानी से चलती हैं।नीचे इसके मुख्य फायदे बताए गए हैं:

(1)समय और पैसे की बचत: पहले तहसील, लेखपाल या पटवारी के पास चक्कर लगाने पड़ते थे। अब घर से मोबाइल या कंप्यूटर पर सब कुछ देख लो। आने-जाने का खर्च और समय दोनों बचता है।

(2)पारदर्शिता बढ़ती है: सब रिकॉर्ड ऑनलाइन और रियल-टाइम अपडेट होते हैं। कोई छिपा नहीं सकता। जमीन पर लोन, विवाद या बिक्री की सही जानकारी मिलती है, जिससे धोखाधड़ी कम होती है।

(3)धोखा और भ्रष्टाचार कम: सही और ताजा रिकॉर्ड से फर्जी सौदे नहीं हो पाते। पहले रिश्वत देकर गलत काम होते थे, अब सब खुला है। लोग खुद चेक कर लेते हैं।

(4)आसान पहुंच anytime-anywhere: इंटरनेट होने पर कभी भी, कहीं से भी चेक करो। गांव में रहो या शहर में, मोबाइल ऐप या वेबसाइट से सब उपलब्ध।

(5)सभी सेवाएं एक जगह: खतौनी की नकल, भू-नक्शा, खसरा/गाटा डिटेल, जमीन बिकी है या नहीं, विवाद की स्थिति, गांव-प्लॉट का कोड – सब एक पोर्टल पर मिल जाता है। अलग-अलग दफ्तर नहीं भटकना पड़ता।

(6)जमीन विवाद कम होते हैं: पहले गलत रिकॉर्ड से झगड़े होते थे। अब साफ जानकारी से कोर्ट केस कम हो गए। खरीद-बिक्री पहले चेक कर लो तो सुरक्षित रहता है।

(7)बैंक लोन और अन्य काम आसान: बैंक लोन लेने, फसल बीमा या संपत्ति सौदे में ये रिकॉर्ड मान्य होते हैं। सही डाटा से जल्दी काम हो जाता है।

(8)2026 में बेहतर सुविधाएं: अब ज्यादा गांवों के रिकॉर्ड डिजिटल हो चुके हैं। सर्च करना आसान, डैशबोर्ड अच्छा और रियल-टाइम अपडेट तेज। कुछ जगहों पर जीआईएस मैपिंग भी जुड़ रही है।

 

UP Bhulekh 2026 पर खसरा खतौनी की नकल कैसे देखें? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)

 

Bhu Abhilekh UP की ऑफिशियल वेबसाइट upbhulekh.gov.in पर जाएं। यहां दो मुख्य ऑप्शन हैं: रियल टाइम खतौनी (लेटेस्ट) और खतौनी (अधिकार अभिलेख) की नकल। रियल टाइम खतौनी सबसे अपडेटेड होती है।

 

पहला तरीका: रियल टाइम खतौनी देखें (सबसे आसान और लेटेस्ट)

 

(1)ब्राउजर में upbhulekh.gov.in ओपन करें।

(2)होमपेज पर “रियल टाइम खतौनी देखें” पर क्लिक करें।

(3)कैप्चा कोड डालें और सबमिट करें।

(4)अपना जिला (District), तहसील (Tehsil) और ग्राम (Village) चुनें।

(5)अब सर्च करने के 4 ऑप्शन मिलेंगे:

  • खसरा/गाटा संख्या से
  • खाता संख्या से
  • खातेदार के नाम से
  • नामांतरण तिथि से

 

(6)अपनी डिटेल डालें और सर्च करें।

(7)खतौनी की नकल स्क्रीन पर आ जाएगी। आप इसे प्रिंट या डाउनलोड कर सकते हैं।

 

दूसरा तरीका : खतौनी (अधिकार अभिलेख) की नकल देखें

 

(1)यूपी भूलेख के होमपेज पर “खतौनी (अधिकार अभिलेख) की नकल देखें” चुनें।

(2)कैप्चा डालें।

(3)जिला, तहसील, गांव चुनें।

(4)फिर खसरा/गाटा, खाता संख्या या नाम से सर्च करें।

(5)नकल देखें और डाउनलोड करें।

 

भू-नक्शा (Bhu Naksha) कैसे देखें?

 

(1)भू नक्शा की ऑफिशियल वेबसाइट upbhunaksha.gov.in

(2)जिला, तहसील, गांव चुनें।

(3)मैप पर अपना प्लॉट (गाटा नंबर) सर्च करें।

(4)नक्शा देखें, प्रिंट करें या PDF डाउनलोड करें।

 

UP Bhulekh पोर्टल की मुफ्त सेवाएं

 

  • खतौनी की नकल देखना और डाउनलोड करना: जमीन के मालिक का नाम, खाता नंबर, कितनी जमीन है – सब डिटेल मिलती है।
  • रियल टाइम खतौनी देखना:सबसे और ताजा अपडेट वाली खतौनी की जानकारी मुफ्त मिलती है।
  • भू-नक्शा (जमीन का मानचित्र) देखना: प्लॉट का नक्शा, सीमाएं और आस-पास की जमीन की डिटेल चेक करें
  • खसरा/गाटा नंबर से जमीन की जानकारी: नंबर डालकर मालिक नाम, क्षेत्रफल आदि देखें।
  • जमीन की विक्रय स्थिति चेक करना: प्लॉट बिका है या नहीं, यह पता करें।
  • जमीन पर विवाद या मुकदमा की स्थिति: कोई केस चल रहा है या नहीं, मुफ्त चेक करें।
  • गांव और प्लॉट का कोड जानना: राजस्व ग्राम कोड और यूनिक कोड देखें, जो दूसरे कामों में मदद करता है।
  • गिरवी/लोन की जानकारी: जमीन पर बैंक लोन या गिरवी है या नहीं।

 

UP Bhulekh पोर्टल पर पैसे देकर मिलने वाली सेवाएं

 

यूपी भूलेख पोर्टल (upbhulekh.gov.in) पर सभी मुख्य सेवाएं पूरी तरह फ्री हैं। आप खतौनी देखना, नक्शा चेक करना, खसरा-गाटा की जानकारी लेना, जमीन बिकी है या नहीं – ये सब मुफ्त में कर सकते हैं। पोर्टल पर कोई भी सेवा के लिए पैसे नहीं देने पड़ते।

फिर भी, कुछ खास कामों में पैसे लग सकते हैं, लेकिन वो पोर्टल पर नहीं, बल्कि तहसील या राजस्व विभाग में:

  • सर्टिफाइड खतौनी या दस्तावेज की कॉपी: पोर्टल पर मिलने वाली खतौनी सिर्फ जानकारी के लिए होती है। अगर बैंक लोन, कोर्ट या सरकारी काम के लिए ऑफिशियल (मोहर वाली) कॉपी चाहिए, तो तहसील से लो। इसके लिए थोड़ी फीस लगती है (आमतौर पर 50-100 रुपये या जमीन के हिसाब से)।
  • नाम बदलना (दाखिल-खारिज) या जमीन बांटना: पोर्टल पर आवेदन फ्री में कर सकते हो, लेकिन काम पूरा होने पर स्टांप ड्यूटी या कोर्ट फीस देनी पड़ती है। यह पोर्टल की फीस नहीं, सरकार की फीस है।
  • नक्शे की ऑफिशियल कॉपी: कुछ मामलों में तहसील से पैसे देकर सर्टिफाइड नक्शा लेना पड़ता है।

 

नोट- पोर्टल का असली फायदा यह है कि आपको सिर्फ जानकारी चाहिए तो सब फ्री है। अगर मोहर वाली कॉपी चाहिए तो तहसील जाओ। 2026 में भी पोर्टल पर कोई पेड सेवा नहीं है। फ्री वाली सेवाओं का भरपूर इस्तेमाल करो।

 

UP Bhulekh से जमीन पर विवाद (वादग्रस्त) है या नहीं, कैसे पता करें

Bhulekh UP पोर्टल पर आप बहुत आसानी से पता कर सकते हैं कि किसी जमीन (भूखंड या गाटा) पर कोई मुकदमा या झगड़ा चल रहा है या नहीं। इसे वादग्रस्त स्थिति कहते हैं। यह सुविधा बिल्कुल मुफ्त है। जमीन खरीदने से पहले यह जरूर चेक करें, ताकि बाद में परेशानी न हो। नीचे बहुत सरल स्टेप्स में पूरी तरीका बताया गया है:

 

(1)पोर्टल खोलें: अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर upbhulekh.gov.in टाइप करके साइट खोलें।

(2)सही ऑप्शन चुनें: होम पेज परभूखंड/गाटे के वाद ग्रस्त होने की स्थिति जानें” वाला बटन या लिंक ढूंढें और उस पर क्लिक करें।

(3)जिला, तहसील और गांव चुनें: अगले पेज पर पहले अपना जिला, फिर तहसील और फिर गांव चुनें। ये ड्रॉपडाउन लिस्ट से चुनने होते हैं।

(4)कैप्चा भरें: एक छोटा कोड दिखेगा (जैसे अक्षर या नंबर), उसे बॉक्स में लिखें और आगे बढ़ें।

(5)गाटा या खसरा नंबर डालें: अब अपनी जमीन का गाटा नंबर या खसरा नंबर टाइप करें। अगर यूनिक कोड पता है तो वह भी डाल सकते हैं।

(6)सर्च करें: “खोजें” या “Search” बटन दबाएं।

(7)रिजल्ट देखें: स्क्रीन पर साफ लिखा आएगा कि जमीन पर कोई विवाद है या नहीं। अगर विवाद है तो केस की कुछ जानकारी (जैसे कोर्ट का नाम) दिख सकती है। अगर नहीं है तो “कोई जानकारी नहीं” यह साफ-साफ लिखा आएगा।

 

यूपी भूलेख में आधार लिंकिंग और eKYC कैसे करें

 

यूपी भूलेख पोर्टल (upbhulekh.gov.in) पर अभी आधार कार्ड लिंक करने या eKYC करने की कोई सुविधा नहीं है। यह पोर्टल सिर्फ जमीन के पुराने रिकॉर्ड देखने के लिए बना है। यहां आप खतौनी, नक्शा, विवाद आदि फ्री में चेक कर सकते हैं, लेकिन आधार से जोड़ने का कोई बटन या ऑप्शन नहीं है।फिर भी कुछ आसान बातें जान लो:

  • सरकार की योजना: उत्तर प्रदेश सरकार खतौनी को आधार से जोड़ने का प्लान बना रही है। इससे एक क्लिक में सारी जमीन की सही जानकारी मिलेगी और धोखा कम होगा।
  • अभी शुरू नहीं हुई: यह सुविधा अभी पूरी तरह चालू नहीं है। जैसे ही शुरू होगी, पोर्टल पर नया ऑप्शन आएगा।
  • क्यों जरूरी है: आधार लिंक होने से जमीन का असली मालिक साफ पता चलेगा। बैंक लोन, सरकारी योजना (जैसे पीएम किसान) और जमीन बेचने-खरीदने में आसानी होगी। फर्जी नाम अपने आप हट जाएंगे।
  • कहां चेक करें: अभी भूलेख पोर्टल पर नहीं। अगर पीएम किसान या दूसरी योजना के लिए आधार चाहिए तो agriculture.up.gov.in या pmkisan.gov.in पर जाओ।
  • क्या करें: अगर आधार लिंक करवाना है तो अपने तहसील या लेखपाल के पास जाओ। वे बताएंगे। जैसे ही ऑनलाइन सुविधा आएगी, पोर्टल पर दिखने लगेगी।

 

निष्कर्ष

UP Bhulekh 2026 पोर्टल उत्तर प्रदेश के नागरिकों के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। अब खसरा खतौनी की नकल देखना बेहद आसान हो गया है। यह न केवल समय बचाता है बल्कि जमीन संबंधी विवादों को भी कम करता है। अगर आप नियमित रूप से अपने रिकॉर्ड चेक करेंगे, तो किसी भी समस्या से पहले सतर्क हो सकते हैं।अगर आपको कोई समस्या आए तो कमेंट करें या तहसील जाएं। सुरक्षित रहें और डिजिटल भारत का लाभ उठाएं!

 

FAQ

 

(1)यूपी भूलेख पोर्टल क्या है और इसे कैसे इस्तेमाल करें?

यूपी भूलेख उत्तर प्रदेश सरकार की एक फ्री वेबसाइट है। यहां आप अपनी जमीन का खसरा, खतौनी और नक्शा घर बैठे देख सकते हैं। वेबसाइट का नाम है upbhulekh.gov.in। इसे खोलो, कैप्चा भरों, अपना जिला-तहसील-गांव चुनो और सर्च करो। बहुत आसान है!

 

(2)खसरा और खतौनी में क्या फर्क है?

खसरा मतलब जमीन के एक छोटे टुकड़े (प्लॉट) का नंबर। इसमें प्लॉट का साइज, मिट्टी और फसल की जानकारी होती है।खतौनी मतलब मालिक का पूरा कागज। इसमें मालिक का नाम, खाता नंबर और सारे प्लॉटों की लिस्ट होती है। खतौनी से पता चलता है कि जमीन किसकी है।

 

(3)खतौनी की कॉपी ऑनलाइन कैसे देखें और डाउनलोड करें?

वेबसाइट upbhulekh.gov.in खोलो। “खतौनी की नकल देखें” या “रियल टाइम खतौनी” पर क्लिक करो। कैप्चा भरों। जिला, तहसील और गांव चुनो। फिर खसरा नंबर, खाता नंबर या नाम डालकर सर्च करो। खतौनी आ जाएगी, उसे देखो और डाउनलोड कर लो। सबसे नई जानकारी के लिए रियल टाइम वाला चुनो।

 

(4)जमीन का नक्शा (भू-नक्शा) कैसे देखें?

इसके लिए अलग वेबसाइट है: upbhunaksha.gov.in। इसे खोलो। जिला, तहसील और गांव चुनो। अपना खसरा या गाटा नंबर डालो। नक्शा मैप पर दिखेगा। उसे बड़ा करके देखो, प्रिंट करो या PDF बना लो। बहुत साफ और सही नक्शा मिलता है।

 

(5)रिकॉर्ड नहीं मिल रहा या कोई दिक्कत आए तो क्या करें?

अगर रिकॉर्ड नहीं दिख रहा तो हो सकता है गांव का डेटा अभी पूरा नहीं डाला गया हो। पास की तहसील या लेखपाल से मिलो। कैप्चा की समस्या हो तो पेज फिर से खोलो। मदद के लिए फोन करो: 0522-2217145 या ईमेल: bhulekh-up@gov.in। हमेशा असली वेबसाइट इस्तेमाल करो और फेक ऐप से बचो।